Kaale Mundde
17/06/2024
क्रोधाद्भवति संमोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः । स्मृतिभ्रंशाद्बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति ॥
क्रोध से मनुष्य की मति मारी जाती है यानी मूढ़ हो जाती है जिससे स्मृति भ्रमित हो जाती है। स्मृति-भ्रम हो जाने से मनुष्य की बुद्धि नष्ट हो जाती है और बुद्धि का नाश हो जाने पर मनुष्य खुद का अपना ही नाश कर बैठता है।
12/05/2024
कोई भी इन्सान अपनी जुबान और अच्छे कर्मों से पहचाना जाता है
क्योंकि अच्छी बातें तो दीवारों पर भी बहुत लिखी होती है।
06/05/2024
एक इंसान का व्यक्तित्व तभी उभर कर आता है, जब वह हालात से
लडकर निखरता है