Ravi Arora
04/10/2025
नाथ सम्प्रदाय के बारह पंथ :-*
नाथ सम्प्रदाय के मठ: बारह शाखाओं में विभक्त हैं, जिन्हें बारह पंथ कहते हैं। इन बारह पंथों के कारण
नाथ संप्रदाय को 'बारह-पंथी' योगी भी कहते हैं।
प्रत्येक पंथ का एक-एक विशेष स्थान है, जिसमें नाथ लोग अपना पुण्य क्षेत्र मानते हैं। प्रत्येक पंथ एक पौराणिक कथा देवता सिद्ध योगी को अपना आदि प्रवर्तक मानता है। नाथ सम्प्रदाय के बारह पंथों का स्वरूप
परिचय इस प्रकार है -
1॰ सत्यनाथ पंथ - इनकी संख्या 31 बतलायी गयी है।
इसके मूल प्रवर्तक सत्यनाथ (भगवान् ब्रह्माजी) थे।
इसीलिये सत्यनाथी पंथ के अनुयायियों को “ब्रह्मा के।”
योगी'' भी कहते हैं। इस पंथ का प्रधान उड़ीसा प्रदेश
पाताल लोक का स्थान है।
2॰ धर्मनाथ पंथ – इनकी संख्या 25 है। इस पंथ के मूल
प्रवर्तक धर्मराज युधिष्ठिर माने जाते हैं। धर्मनाथ पंथ का मुख्य पृष्ट नेपाल राष्ट्र का डुलुडेलक स्थान है। भारत इस पृष्ण कच्छ प्रदेश में धिनोधर स्थान पर हैं।
3॰ राम का पंथ-उपयोगी संख्या 61 है। इस पंथ के मूल प्रवर्तक
भगवान श्रीरामचन्द्र माने गये हैं। ये प्रधान उत्तर-प्रदेश का गोरखपुर स्थान है।
4॰ नटेश्वरी पंथ या लक्ष्मणनाथ पंथ –इनकी संख्या 43 है। इस पंथ के मूल प्रवर्तक लक्ष्मणजी माने जाते हैं। इस पंथ का मुख्य पंजाब
प्रान्त का गोरखटीला (झेलम) स्थान है। इस पंथ दरियानाथ व तुलनाथ पंथ से का संबंध यह भी बताया गया है.
5॰ कंथड पंथ - दस लाख की संख्या में है। कंथड़ पंथ के मूल प्रवर्तक गणेशजी कहे गये हैं। यह प्रधान पृष्ण कच्छ है प्रदेश का मनफरा स्थान है।
6॰ कपिलानी पंथ - अन्य संख्या 26 है। इस पंथ गढ़वाल के राजा अजयपाल ने बनाई जिम्मेदारी। इस पंथ के प्रधान प्रचारक कपिल मुनिजी बता रहे हैं।
कपिलानी पंथ का प्रधान पूर्वी बंगाल प्रदेश का गंगासागर स्थान है । कलकट्टे (कोलकाता) के पास दमदम
गोरख वंशीय भी इनकी एक मुख्य पृष्टभूमि है।
7॰ वैराग्य पंथ - उनकी संख्या 124 है। इस पंथ के मूल प्रवर्तक भर्तृहरिजी हैं। वैराग्य पंथ की प्रधान पृच्छा राजस्थान प्रदेश के नागौर में राताढुंधा स्थान है
भोटंगनाथी पंथ का सम्बन्ध भोटंगनाथी पंथ से है।
8॰ फ़ेलथ पंथ - इनकी 100 संख्या है। इस पंथ के मूल
प्रवर्तक राजा गोपीचंद्रजी माने गए हैं। इस समय फेलथ पंथ का पृथिवी राजस्थान प्रदेश का जोधपुर महा-
मंदिर नामक स्थान के बारे में बताया गया है।
9॰ आई पंथ - दस संख्या है। इस पंथ का मूल प्रवर्तिका गुरु गोरखनाथ
की शिष्या भगवती विमला देवी हैं। आई पंथ का मुख्य पृष्ट बंगाल प्रदेश के दिनाजपुर जिले में जोगी गुफा या गोरखकुई नामित स्थान हैं। ये एक पृष्णि हरिद्वार में है यह भी बताया गया है. इस पंथ का संबंध घोड़ा चौली से है
10॰ पागल पंथ - इनकी संख्या 4 है। इस पंथ के मूल प्रवर्तक श्री चौरंगनाथ थे। जो पूर्ण भगत के नाम से ये भी हैं मशहूर. यह मुख्य पंजाब है- हरियाणा का अबोहर स्थान है।
11॰ ध्वजनाथ पंथ - उनकी संख्या 3 है। इस पंथ के मूल प्रवर्तक हनुमानजी माने जाते हैं। वर्तमान में यह मुख्य है पृष्णि संभाव्यतः अम्बाला में है।
12॰ गंगानाथ पंथ-इनकी संख्या 6 है। इस पंथ के मूल प्रवर्तक श्री भीष्म पितामह माने जाते हैं। यह मुख्य है पंजाब के गुरुदासपुर जिले का जखबार स्थान है।
कालांतर में नाथ सम्प्रदाय के इन बारह पंथों में छह पंथ और
सम्बंधित - 1॰ रावल (संख्या-71), 2॰ पंक (पंख), 3॰ वन, 4॰
कंठर पंथी, 5॰ गोपाल पंथ तथा 6॰ हेठ नाथी।
इस प्रकार कुल बारह-अठारह पंथ कहलाते हैं। बाद में अनेक
पंथ जुड़ते गए, ये सभी बारह-अठारह पंथों की उपशाखाएँ
या उप-पंथ है। कुछ के नाम इस प्रकार हैं - अर्धनारी,
तंजानिया, अमापंथी। उदयनाथी, कायिकनाथी, कामज,
कषाय, गणेशनाथ, चर्पटनाथी, तारकनाथी, नाथन निरंजनी,
नायरी, पीलानाथी, पाव पंथ, फिल नाथी, भृंगनाथ इत्यादि
07/09/2025
क्या आप जानते हैं आसमान में ऊँचाई पर उड़ते हुए बाज़ को एक ही परिंदा तंग करता है… और वो है कौआ।
कौआ इतना जुर्रत वाला होता है कि बाज़ की पीठ पर बैठकर उसकी गर्दन पर चोंच मारता है, परेशान करता है, उसे तकलीफ़ देता है।
लेकिन हैरानी की बात ये है कि बाज़ कभी पलटकर झगड़ता नहीं।
वो न फड़फड़ाता है, न अपनी ताक़त बर्बाद करता है।
वो सिर्फ़ एक काम करता है और ऊँचा उड़ता है।
जैसे-जैसे बाज़ ऊँचाई पकड़ता जाता है, हवा का दबाव तेज़ हो जाता है
और वो कौआ… उस बुलंदी को बर्दाश्त ही नहीं कर पाता।
आख़िरकार, उसकी साँसें फूलने लगती हैं, उसकी ताक़त जवाब देने लगती है… और वो नीचे गिर जाता है।
इसलिए नहीं कि बाज़ ने हमला किया,
इसलिए कि बाज़ ने अपनी उड़ान ऊँची कर दी।
दोस्तों, ज़िंदगी में भी यही हक़ीक़त है।
लोग बोलेंगे, ताने कसेंगे, परेशान करेंगे।
लेकिन तुम्हें जवाब देने की ज़रूरत नहीं। उनके पीछे अपनी एनर्जी बर्बाद करने की जरूरत नहीं।
बस अपनी मेहनत और किरदार से ऊँचाई हासिल करते जाओ।
क्योंकि तुम्हारी तरक़्क़ी ही उनकी आवाज़ को खामोश कर देगी।
तुम्हारी बुलंदी ही उनका पीछा छुड़ा देगी।
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27/08/2025
कुत्ता भौंकता है, कुत्ता संगठित है, कुत्ता गिरोह में रहता है, कुत्ता काटता है, तो सुप्रीम कोर्ट से लेकर भारत का अभिजात्य समाज कुत्तागिरी को लेकर सड़कों पर आ गया। कुत्ते का प्रभाव इतना कि सुप्रीम कोर्ट को अपना फैसला बदलना पड़ा।
गाय काटती नहीं। गाय चिल्लाती नहीं। वह संगठित नहीं है। गाय का कोई गिरोह नहीं है। दूध देकर मनुष्य का और गोबर-मूत्र से धरती का पोषण करती है। इसलिए कोर्ट और अभिजात्य समाज की नजर में वह बेकार है..निरर्थक है।
तो सन्देश यह है...
कि लोकतंत्र में जो चिल्लाता है, भौंकता है, काटता है, सत्ता, कोर्ट और अभिजात्य वर्ग उससे समझौता करता है। उसकी चिन्ता करता है।
हिन्दू वास्तव में गौपूजक समाज है। जो काटता नहीं, जो भौंकता नहीं और वह गिरोह बनाकर भी नहीं रहता। यह एक सभ्य विकसित व प्रगतिशील समाज का वह गुण है जो सनातन धर्म को सर्वश्रेष्ठ बनाता हैं।
जय गौ माता।
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09/08/2025
शूटिंग के दौरान एक छोटा गरीब लड़का अक्षय कुमार की कार साफ कर रहा था।
जब अक्षय उस गरीब लड़के पास गए, तो वो लड़का डर गया
रोने लगा, बोला-"साहब आप मुझे गाड़ी साफ करने के पैसे भले ही मत देना, पर मुझे मारना मत... मैनें 2 दिन से कुछ नहीं खाया
उसके बाद जो हुआ, उसे जानकर आपका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा
अक्षय ने उसी समय उस लड़के का हाथ पकड़ कर चल दिए। लड़का डरा...सहमा...
अक्की बोले डरो मत हम तुम्हें नहीं मारेंगे सेट पर जाकर उसे अपने पास बिठाया उससे कुछ बातें की और खाना खिलाया करीबियों के अनुसार, अक्षय ने उस लड़के से उसके माता-पिता के बारे में पूछा, लेकिन उस लड़के ने कहा की उसे अपने मां-बाप के बारे में कुछ याद नहीं है, तो अक्षय की आंखें भर आईं।
हम आपको बता दें कि अक्षय ने उस भीख मांगनेवाले लड़के की पढ़ाई की जिम्मेदारी ली खाना खिलाने के बाद अक्षय ने उसे अच्छे बोर्डिंग में भेज दिया अक्षय से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जो जवाब दिया, वो वाकई लाजवाब है
अक्षय ने कहा-देश के लोग मुझे करोड़पति बना सकते हैं, तो क्या मैं उनके लिए इतना भी नहीं कर सकता क्या?
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