MERI KALAM
लिखना ही मेरा काम हैं
और लिखावट ही मेरी पहचान।
इस पहचान को और पहचान चाहिए
आप लोगो का साथ और प्यार भरमार चाहिए
क्योंकि वो नही लिखता जो सबको पसंद हैं
होता है आज़ाद वो जो मुझमे बंद हैं
प्यार का खुमार चढेगा और उतेरेगा मेरी लिखावट देख कर
नींद रातों मे आएगी ही अपने मेहबूब कि आंखे देख कर