Ashish Dhapwal Blog
welcome to my 'Ashish Dhapwal Vlogs'/ @ashishdhapwal "कहीं भी जाओ यदि वहां के लोग अच्छे हैं उनके व्यवहार व संस्कार सही है तो वहां सफलता हासिल होना आसान हो जायेगा"
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मुंसियारी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन है, जो पंचाचूली पर्वत श्रृंखला के शानदार नजारों के लिए जाना जाता है। लगभग 2,298 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह स्थान जोहार घाटी का प्रवेश द्वार है और मिलम, रालम व नामिक जैसे प्रसिद्ध ग्लेशियर ट्रेक का मुख्य बेस कैंप भी है।मुख्य आकर्षणखलिया टॉप (Khaliya Top): यह शुरुआती ट्रैकर्स के लिए एक बेहतरीन और थोड़ा चढ़ाई वाला ट्रेकिंग रूट है, जहां से हिमालय की बर्फीली चोटियों का 360-डिग्री नजारा दिखता है।बिरथी फॉल्स (Birthi Falls): मुंसियारी के रास्ते में पड़ने वाला यह एक विशाल और खूबसूरत झरना है, जहां एक छोटा हाइकिंग ट्रैक और ग्लास (कांच) व्यूइंग ब्रिज बना हुआ है।नंदा देवी मंदिर (Nanda Devi Temple): यह एक पवित्र और शांत धार्मिक स्थल है, जिसके पीछे पहाड़ों की चोटियां एक बेहद खूबसूरत बैकग्राउंड बनाती हैं।थामरी कुंड (Thamri Kund): घने देवदार के जंगलों के बीच स्थित यह एक शांत और प्राकृतिक झील है, जो शांति से समय बिताने और वन्यजीवों को देखने के लिए बेहतरीन जगह है।दरकोट गांव (Darkot Village): यह एक छोटा और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध गांव है, जो लकड़ी की पारंपरिक नक्काशी और स्थानीय स्तर पर हाथ से बनाई जाने वाली पश्मीना शॉल के लिए मशहूर है।
नमस्ते,
यह एक अत्यधिक खतरनाक और नवीनतम साइबर फ्रॉड स्कैम है जिसमें ठग लोगों की भावनाओं और इंसानियत का शोषण कर रहे हैं। इस घोटाले से बचाव और स्वयं को सुरक्षित रखने के प्रभावी तरीके निम्नलिखित हैं: इस फ्रॉड की कार्यप्रणाली इस प्रकार है: भावनात्मक जाल: एक छोटा बच्चा रोते हुए आपके पास आता है और बताता है कि उसके माता-पिता लापता हो गए हैं। मदद की गुहार: बच्चा आपको एक मोबाइल नंबर देता है और उस पर कॉल करने का अनुरोध करता है। फोन हैक या वित्तीय नुकसान: जैसे ही आप उस नंबर पर कॉल करते हैं, आपका फोन हैक हो सकता है, आपके बैंक खाते से धनराशि कट सकती है, या आपको किसी फर्जी कॉल सेंटर से जोड़कर ब्लैकमेल किया जा सकता है। ऐसे में क्या करें? सुरक्षित उपाय: अपना फोन सुरक्षित रखें: बच्चे के अनुरोध पर भी अपने निजी फोन से उस नंबर पर सीधे कॉल या मैसेज न करें। भीड़ इकट्ठा करें: अकेले निर्णय न लें, आसपास के लोगों को बुलाएं और उन्हें स्थिति से अवगत कराएं। पुलिस को सूचित करें: तुरंत 112 (पुलिस हेल्पलाइन) पर कॉल करें और बच्चे को पुलिस को सौंप दें। चाइल्ड हेल्पलाइन: बच्चों की सुरक्षा के लिए बने नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1098 पर भी संपर्क कर सकते हैं। सुरक्षित दूरी बनाए रखें: बच्चे को किसी सुरक्षित सार्वजनिक स्थल या दुकान पर बैठाएं, लेकिन अपने फोन को दूर रखें।
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भारत की ऐतिहासिक चुनौतियों के बावजूद, जिसमें लगभग 200 वर्षों का ब्रिटिश शासन और इससे पहले विभिन्न विदेशी आक्रमण शामिल हैं, हमें यह समझने की आवश्यकता है कि राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी कमजोरियों ने कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आइए भारत की गुलामी के प्रमुख कारणों पर नज़र डालें: राजनीतिक एकता की अनुपस्थिति ने भारत को छोटे राज्यों में विभाजित कर दिया, जिससे विदेशी आक्रमणकारियों के लिए दरवाजे खुल गए। आपसी मतभेदों और गद्दारी ने भी आक्रमणकारियों को लाभ पहुंचाया। सैन्य और तकनीकी रूप से भी भारत कमजोर था, जबकि अंग्रेजों के पास आधुनिक हथियार और अनुशासित सेना थी। अंग्रेजों ने फूट डालो और राज करो की नीति अपनाकर भारत की विविधता का लाभ उठाया। आर्थिक रूप से भी भारत कमजोर हो रहा था, जिसे अंग्रेजों ने शोषण करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आत्मविश्वास और दूरदर्शिता की कमी ने भी भारत को गुलामी की ओर धकेला। हालांकि इतिहासकार 800 वर्षों की गुलामी की बात करते हैं, लेकिन इन चुनौतियों का सामना करने और सीखने से हम एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं।
सरकारी भवनों, विशेष रूप से स्कूलों की दुर्दशा के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित कारक जिम्मेदार हैं: संबंधित विभाग और अधिकारी, जिनमें शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय प्रशासन शामिल हैं, जो समय पर भवनों की मरम्मत या संरचनात्मक ऑडिट नहीं करवाते हैं। इसके अलावा, निगरानी की कमी, जिसमें असुरक्षित भवनों को समय पर खाली नहीं करना और मरम्मत के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग शामिल है, भी एक महत्वपूर्ण कारण है। इसके अलावा, निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग और तकनीकी खामियों के कारण ठेकेदार और तकनीकी टीम भी जिम्मेदार हैं। हाल ही में राजस्थान के झालावाड़ में एक जर्जर स्कूल भवन गिरने से बच्चों की मौत के बाद, PWD ने सभी स्कूलों का तकनीकी ऑडिट अनिवार्य कर दिया है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह असुरक्षित भवनों को बंद करे और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करे। संक्षेप में, यह एक व्यवस्थागत विफलता और निगरानी में कमी का मामला है।
🙏✍️माँ के प्यार की गहराई को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, यह एक ऐसी भावना है जो हर माँ के दिल में अपने बच्चों के लिए होती है। माँ का प्यार निःस्वार्थ और अटूट होता है, जो अपने बच्चों को खुश देखकर ही संतुष्ट होता है। ममता की मूरत माँ अपने परिवार के लिए हर तरह का त्याग करती है, अपने बच्चों को पालने में ही अपनी खुशी ढूंढती है। माँ का बंधन कभी नहीं टूटता, चाहे बच्चा कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए, माँ के लिए वह हमेशा छोटा ही रहता है। माँ का प्यार एक गर्मजोशी भरा आलिंगन है, जो बच्चों को ममता का एहसास कराता है और उनकी जिंदगी को संवारता है। सच में, माँ की खुशी उनके बच्चों की खुशी में ही निहित होती है।🙏
नमस्ते,
श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान जीवन की विविध समस्याओं, उलझनों और दुविधाओं का समाधान करने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया एक शाश्वत संदेश है, जो कर्म, ज्ञान, भक्ति और योग के माध्यम से निडर होकर कर्तव्य पालन करने, मानसिक शांति, सकारात्मकता और सर्वोच्च सफलता प्राप्त करने का मार्ग दिखाता है। गीता का ज्ञान क्यों महत्वपूर्ण है? जीवन का सार और मार्गदर्शन: यह जीवन को समझने और हर परिस्थिति में संतुलन बनाए रखने का सार प्रस्तुत करता है। कर्म और निष्काम भाव: गीता सिखाती है कि कर्म करना हमारा अधिकार है, लेकिन फल की चिंता नहीं। यह हमें बिना किसी स्वार्थ या इच्छा के कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देती है। मानसिक शांति और आत्मविश्वास: नियमित पाठ से मानसिक अशांति, तनाव और नकारात्मकता दूर होती है। यह मन पर काबू पाने और आत्मबल बढ़ाने में मदद करती है। निडरता और सही निर्णय: यह भ्रमित मन को स्पष्टता प्रदान करती है, जिससे व्यक्ति विषम परिस्थितियों में भी सही और नैतिक निर्णय लेने में सक्षम बनता है। आध्यात्मिक विकास और मोक्ष: गीता ज्ञान और भक्ति का समन्वय है, जो व्यक्ति को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर से जुड़ने और मोक्ष का मार्ग दिखाता है। सर्वकालिक प्रासंगिकता: गीता के सिद्धांत आज के आधुनिक समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जो जीवन की हर चुनौती का हल प्रदान करते हैं। संक्षेप में, गीता का ज्ञान हमें निडर और परिपूर्ण बनने का मार्ग दिखाता है, जो न केवल जीवन में सफलता दिलाता है, बल्कि आध्यात्मिक उत्थान भी करता है।
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