Abhishek Kumar
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय अतिपिछड़ा कल्याण महासंघ
पूर्व राष्ट्रीय महासचिव, RNSS
बिहार प्रदेश अध्यक्ष, किसान स्वाभिमान एसोसिएशन
डायरेक्टर, भूमि पृथ्वी फाउंडेशन
13/04/2026
बहुत उत्तम Chandan Singh
ऐसी ही आवाज़ बुलंद करते रहो छोटे भाई!!!
12/04/2026
#बिहार_की_राजनीती_और_नीतीश_कुमार
नीतीश कुमार अभी भी ‘खेला’ खेल रहे हैं और इस समय पूरी तरह मोड में नजर आ रही है। दिल्ली दौरे से लेकर अचानक पटना वापसी, मीटिंग्स का कैंसिल होना और अब तक इस्तीफ़ा न देना - ये सब इत्तेफ़ाक नहीं, बल्कि बेहद सटीक रणनीति का हिस्सा है।
नीतीश कुमार सीधे टकराव की राजनीति नहीं करते, वो परिस्थितियाँ गढ़ते हैं। वो भारतीय राजनीती के ऐसे खिलाड़ी हैं जो चाल चलते नहीं, पूरा बोर्ड ही बदल देते हैं। इस वक्त भी उन्होंने ऐसा पावर बैलेंस सेट कर दिया है कि BJP के पास विकल्प तो हैं, लेकिन हर विकल्प में जोखिम उससे कहीं ज़्यादा है।
ये वही नीतीश कुमार हैं जिन्हें जब-जब बिहार की राजनीति ने कमज़ोर समझा है, तब-तब इन्होंने पूरी सियासत को उलट-पुलट कर दिया है और करके दिखाया भी है।
ये वही नीतीश हैं जो बाएँ हाथ से खेलें तो दाएँ को खबर नहीं होती, और दाएँ से खेलें तो बाएँ को आहट नहीं मिलती।
जहाँ बड़े-बड़े राजनीतिक खिलाड़ी और विशेषज्ञ सोचते रह जाते हैं, वहाँ से नीतीश कुमार चाल चलना शुरू करते हैं।इसलिए अभी जो दिख रहा है, वही अंतिम सच नहीं है - असली खेल अभी बाकी है।
BJP सरकार बना सकती है, इसमें कोई शक नहीं लेकिन सरकार बनाना और उसे स्थिर रखना - ये दो अलग बातें हैं, और यहीं पर नीतीश कुमार का अनुभव और पकड़ भारी पड़ती है।
यही वजह है कि इस वक्त मैं खुद भी किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से बच रहा हूँ - क्योंकि ये नीतीश कुमार हैं… बिहार की राजनीति में कब, कहाँ और कैसे पूरा समीकरण बदल जाए - इसका अंदाज़ा लगाना आसान नहीं।”
“ये राजनीति नहीं, कंट्रोल का खेल है —
और इस वक्त कंट्रोल किसके पास है, ये समझने के लिए सिर्फ खबर नहीं, समझ चाहिए।”
- अभिषेक कुमार
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