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जैतपुर कलां क्षेत्र में उपखंड अधिकारी (एसडीओ) पर उपभोक्ताओं के बिजली भार को अवैध रूप से बढ़ाने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं का लोड 1 या 2 किलोवॉट था, उसे अचानक 4 किलोवॉट कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों और व्यापारियों का आरोप है कि 1 दिसंबर 2025 से शुरू होने वाली उत्तर प्रदेश सरकार की उस योजना से लाभ वंचित करने के लिए यह कदम उठाया गया है, जिसमें 2 किलोवॉट तक के उपभोक्ताओं को मूलधन में 25% छूट और 100% ब्याज माफी का लाभ दिया जाना है।
स्थानीय निवासी का दावा है कि जब उन्होंने अपने घर पर चेक मीटर लगा कर वास्तविक भार चेक करवाने की बात कही तो एसडीओ ने साफ कहा—
“कुछ भी कर लो, योजना चलने तक किसी का लोड कम नहीं किया जाएगा। चाहे चेक मीटर में भार कम ही क्यों न आए।”
समय सीमा को लेकर भी उपभोक्ताओं के मन में सवाल है। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि:
लोड बढ़ाने की कोई निश्चित समय-सीमा है या नहीं?
यदि उपभोक्ता का वास्तविक भार कम हो, तो उसे घटाने के लिए विभाग कितने दिनों में कार्रवाई करता है?
पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
एसडीओ का विवादों से पुराना नाता बताया जा रहा है। क्षेत्र के व्यापारियों और आम जनता ने उनके अभद्र व्यवहार के विरोध में बाजार बंद कर प्रदर्शन भी किया था। उनके ट्रांसफर की मांग भी उठी थी, लेकिन व्यवहार में कोई सुधार न दिखाई देने की बात उपभोक्ता आज भी कह रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एसडीओ उपखंड कार्यालय आने वाले उपभोक्ताओं से लगातार बदतमीजी से पेश आते हैं, जिससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
उपभोक्ताओं से अपील
ग्रामीणों ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने मीटर का भार अवश्य चेक करवाएं और किसी भी अनियमितता पर विभाग को लिखित शिकायत करें।
वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें एसडीओ का कथित बयान रिकॉर्ड बताया जा रहा है।
ताजगंज में सड़क पर बने चैंबर के खुले गड्ढे ने एक बार फिर आगरा की स्मार्ट सिटी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। गड्ढे में गिरकर घायल हुए युवक ने दर्द में भावुक होकर आगरा के जनप्रतिनिधियों और नगर निगम की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला। स्थानीय लोगों का कहना है कि महीने-महीने शिकायतें करने के बावजूद सड़क और चैंबर की मरम्मत नहीं की गई, जिससे हादसे बढ़ते जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी हालात नहीं बदल रहे।
आगरा जैसे पर्यटन शहर में ऐसी लापरवाही प्रशासन पर उंगली उठाती है। अब देखना यह है कि इस घटना के बाद संबंधित विभाग कोई ठोस कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी बाकी घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
हथकांत, जैतपुर के 6500 वर्ष पुराने प्राचीन बालाजी मंदिर का ट्रांसफार्मर पिछले एक साल से फूंक चुका है, लेकिन समाजसेवी मनमोहन पांडे जी के बार-बार जे.ई. को सूचित करने के बावजूद विद्युत विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आज जब पांडे जी ने एसडीओ (विद्युत) जैतपुर को इस विषय में जानकारी दी तो उन्होंने भी ट्रांसफार्मर बदलने से आनाकानी शुरू कर दी। इस पर पांडे जी अर्धनग्न अवस्था में और गले में माला डालकर एसडीओ साहब के कार्यालय पहुंच गए, उनके रवैये का विरोध जताने।
आपको बताते चलें कि यही एसडीओ साहब कुछ महीने पहले अपनी दबंगई के कारण पूरे जैतपुर बाजार को बंद कराने का कारण बने थे।
अब सवाल यह है कि क्या जनता के धार्मिक स्थलों को भी अब अफसरशाही की राजनीति का शिकार बनाया जाएगा? कब होगी ऐसे भ्रष्टाचार और लापरवाही पर कार्यवाही?
प्रशासन को जवाब देना ही होगा!
आगरा के कुकरसो प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो में विद्यालय का एक अध्यापक दैनिक भास्कर के पत्रकार से न केवल अभद्रता करता नजर आ रहा है, बल्कि उसका मोबाइल फोन छीनते हुए भी देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि पत्रकार विद्यालय की स्थिति और अध्यापन व्यवस्था की हकीकत जानने मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान शिक्षक ने कैमरा ऑन देखकर आपा खो दिया और पत्रकार से बदसलूकी करने लगा।
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। लोगों में शिक्षक की इस हरकत को लेकर भारी नाराज़गी देखी जा रही है। कई यूज़र्स ने शिक्षा विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब शिक्षक ही इस तरह का व्यवहार करेंगे तो बच्चों को क्या सिखाएंगे।
वहीं, स्थानीय पत्रकार संगठनों ने आरोपी अध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे और इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और यदि अध्यापक दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, यह वीडियो पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शिक्षक जैसी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी हरकत कैसे हो सकती है।
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सोशल मीडिया पर आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र के चौकी प्राची इलाके का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि गाँव जउपुरा के कुछ दबंग लोग खुलेआम दलितों के खिलाफ गाड़ी में रखी राइफल निकालने और “ठोकने” की धमकी देते नजर आ रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। लोगों में दहशत का माहौल है और पुलिस अब वायरल वीडियो की जांच में जुट गई है।
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नगर के एक परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्होंने किसी तरह का राजीनामा न देने पर स्थानीय पुलिस वालों ने उन्हें पीटा। परिवार ने पुलिस पर “गुंडों जैसा व्यवहार” करने का गंभीर आरोप लगाया है और पूछा है — "अगर पुलिस ही गुंडे बन जाए तो किसकी रक्षा करेगा?"
परिवार का कहना है कि मामला तब बिगड़ा जब उन्होंने किसी दबाव के आगे आत्मसमर्पण नहीं किया। प्रभावित पक्ष के अनुसार, विरोध करने पर उन्हें धक्का-मुक्की और हाथापाई का सामना करना पड़ा। घटना के बाद पीड़ित परिवार में भय का माहौल है और उन्होंने प्रशासन से त्वरित जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
परिवार ने बताया कि उन्होंने घटना की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन अभी तक उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिवार के एक सदस्य ने कहा, “हमने किसी भी तरह का राजीनामा नहीं दिया और अब हमें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। अगर वही लोग जो कानून लागू करते हैं, गुंडागर्दी करें तो आम नागरिक कहां जाएं?”
स्थानीय पुलिस प्रवक्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फिलहाल उनसे कोई टिप्पणी प्राप्त नहीं हुई। पुलिस का पक्ष जानने के लिए संबंधित थाने से आधिकारिक बयान मांगा गया है; बयान मिलते ही इसे अपडेट कर दिया जाएगा।
घटना की जांच के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों से निष्कर्षक और पारदर्शी जांच की मांग उठ रही है ताकि वास्तविकता सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिले।
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आगरा में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मनचले युवकों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
बताया जा रहा है कि जब पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग की, तो पुलिस कर्मियों ने परिवार का साथ देने वालों के साथ मारपीट की। इससे गुस्साए लोगों में भारी आक्रोश है।
मामले की जानकारी मिलने पर मीडिया प्रतिनिधि आलोक दूबे जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उनकी बात जनता तक पहुंचाने की कोशिश की, तो दरोगा विनोद पटेल ने उन्हें रोकने की कोशिश की। यहां तक कि उन्होंने मीडिया पर “आग लगाने” जैसे गंभीर आरोप भी लगाए।
आरोप है कि दरोगा विनोद पटेल लगातार परिवार से मिलने वालों को डरा-धमका रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवार भयभीत है और न्याय की उम्मीद में सहमा हुआ बैठा है।
घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगरा से बड़ी खबर
थाना बरहन क्षेत्र के गांव नगला खेड़ी अडु में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। भाभी ने नाराज होकर अपने देवर का लिंग काट दिया।
जानकारी के अनुसार, दीपावली की छुट्टियों में घर आए देवर से किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद भाभी ने गुस्से में यह खौफनाक कदम उठा लिया। गंभीर हालत में घायल देवर को इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है।
घटना के बाद आरोपी महिला घर से फरार बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्थान – थाना बरहन, गांव नगला खेड़ी अडु, आगरा
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